मुसलमान आंखों में सुरमा क्यों लगाते है

आप ने देखा होगा कि, बहुत से मुसलमान अपनी आंखों में काजल की तरह सुरमा लगाते हैं. मुस्लिमों का आंखों में सुरमा लगाना धार्मिक महत्त्व रखता हैं. इसके अलावा सुरमा आंखों के लिए फायदेमंद हैं. इससे आंखों की जलन दूर होकर आंखों को ठंडक मिलती हैं. सुरमा आंखों को धूल और प्रदुषण को दूर करता हैं.

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अल्लाह के आखरी पैगंबर मुहम्मद (स.) हर रात सोने से पहले मिस्वाक करते और बाद में सिर में तेल और आंखों में सुरमा लगाते थे. इसलिए सुरमा लगाना हर मुसलमान के लिए सुन्नत हैं. सुन्नत उस तरीके को कहा जाता हैं जिसे पैगंबर मुहम्मद (स.) किया हो.

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मुसलमान पैगंबर मुहम्मद (स.) के हर तरीके से मुहब्बत करते हैं और उसे अपने जीवन में लाने की कोशिश करते हैं. पैगंबर ने एक हदीस में कहा है कि, इथमिद से बना हुआ सुरमा आखों में इस्तेमाल करों यह आंखों की दृष्टि बढ़ाता हैं और तुम आखों में जितनी चीज़े लगाते हो उन सबसे बेहतर हैं.

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आज बाजार में पत्थर की शक्ल में और पीसा हुआ दोनों किस्म का सुरमा मिलता हैं. इसके अलावा खोजाती जैसी सुरमा बनाने वाली कंपनियां अलग-अलग औषधीय तत्वों को मिलाकर कई प्रकार के सुरमा बनाती हैं.
मुसलमान आंखों में सुरमा क्यों लगाते है मुसलमान आंखों में सुरमा क्यों लगाते है Reviewed by Author on October 09, 2019 Rating: 5
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