बहुत महंगी सब्जी: 30 हजार रुपये KG, गरीब है तो कभी नहीं खा पाएंगे

प्रकृति से मिलने वाली और उर्वरक जैसी भूमि में उगने वाली गुच्छी नाम का पौधा औषधीय गुणों से भरपूर होती है। इसका औषधीय नाम मार्कुला एस्क्यूपलेटा है। यह स्पंज मशरूम के नाम से देश भर में मशहूर है। यह गुच्छी स्वाद में बेजोड़ और कई औषधियों गुणों से भरपूर हैं। स्थानीय भाषा में इसे छतरी, टटमोर या डुंघरू कहा जाता है।

नई दिल्‍ली: सेहत का खयाल रखना हमारा प्रथम लक्ष्य होना चाहिए जिसके लिए हम अच्छा और विटामिन से भरपूर चीजों को अपने भोजन में शामिल करते हैं । लेकिन इस मिलावट के दौर में बाजार में ओरिजिनल चीजें कभी-कभी मिलना मुश्किल हो जाता है। इस लिए हम प्रकृति से मिलने वाली साग सब्जियों और खाने की वस्तुओं का इस्तेमाल करते हैं ।

औषधीय नाम मार्कुला एस्क्यूपलेटा है

प्रकृति से मिलने वाली और उर्वरक जैसी भूमि में उगने वाली गुच्छी नाम का पौधा औषधीय गुणों से भरपूर होती है। इसका औषधीय नाम मार्कुला एस्क्यूपलेटा है। यह स्पंज मशरूम के नाम से देश भर में मशहूर है। यह गुच्छी स्वाद में बेजोड़ और कई औषधियों गुणों से भरपूर हैं। स्थानीय भाषा में इसे छतरी, टटमोर या डुंघरू कहा जाता है।
गुच्छी चंबा, कुल्लू, शिमला, मनाली सहित प्रदेश के कई जिलों के जंगलों में पाई जाती है। आज के दौर में अधिकतर लोग गुच्छी के गुणों से अनजान हैं। इसलिए इसका पूरा फायदा नहीं उठाया जा रहा है। गुच्छी ऊंचे पहाड़ी इलाके के घने जंगलों में कुदरती रूप से पाई जाती है। यह सबसे महंगी सब्जी है। इसका सेवन सब्जी के रूप में किया जाता है। हिमाचल से बड़े होटलों में ही इसकी सप्लाई होती है।

प्रधानमंत्री मोदी की सेहत का राज है गुच्छी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने एक बार कुछ पत्रकारों को बताया था कि उनकी सेहत का राज हिमाचल प्रदेश का मशरूम है। प्रधानमंत्री इसे बहुत पसंद करते हैं। दरअसल पीएम मोदी ने कई साल तक एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में हिमाचल में रह चुके हैं, वहां उनके कई मित्र हैं।
बहुत महंगी सब्जी: 30 हजार रुपये KG, गरीब है तो कभी नहीं खा पाएंगे बहुत महंगी सब्जी: 30 हजार रुपये KG, गरीब है तो कभी नहीं खा पाएंगे Reviewed by Author on October 10, 2019 Rating: 5
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